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सभी नियोक्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वें तत्काल ईसीआर पोर्टल पर मालिकाना विवरण दर्शाते हुए फॉर्म 5-ए भरें ।
2017-09-22

आमतौर पर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. नियोक्ता द्वारा ईपीएफओ इम्प्लोयर पोर्टल पर अपनी स्थापना का पंजीयन क्यूँ कराएं ?

01.04.2012 प्रभावी तिथि से , नियोक्ता द्वारा जो भी भुगतान किया जाएगा वह ईपीएफओ के इम्प्लोयर पोर्टल से जनित चालान के बाद ही किया जाए । वेतन माह मार्च 2012 से बाद के मामले में, नियोक्ता द्वारा पूर्व निर्धारित प्रारूप में इलेक्ट्रॉनिक चालान सह रिटर्न (ईसीआर) अपलोड करना होगा एवं अपलोडेड रिटर्न के आधार पर चालान आ जाएगा । पूर्व एवं अन्य देयता के लिए चालान जनित करने एवं भुगतान के लिए प्रिंट हेतु इसे ऑनलाइन भरा जाना चाहिए ।

2. यदि नियोक्ता द्वारा पंजीयन न किया जाए तो क्या होगा ?

यदि नियोक्ता द्वारा अपनी स्थापना का पंजीयन न किया हो तो ऑनलाइन चालान जनन संभव नहीं होगा । ईपीएफओ के इम्प्लोयर पोर्टल को खोलने के लिए नियोक्ता द्वारा पंजीयन कर अपना यूज़र आईडी एवं पासवर्ड सृजित करना आवश्यक है ।

3. जैसे ही नियोक्ता द्वारा अपनी स्थापना आईडी दर्ज़ करते हैं तो “नो रिकॉर्ड फाउंड ” संदेश प्रदर्शित होता है , तो ऐसे में क्या करें ?

कृपया देखें की आपके द्वारा सही कोड संख्या एवं एक्सटेंशन नंबर दर्ज़ किया गया है , यदि कोई हो तो । एवं आपने सही ईपीएफओ कार्यालय चयन किया है । यदि सही हो तो कृपया ईपीएफओ क्षेत्रीय / उपक्षेत्रीय कार्यालय का संपर्क करें ।

4. नियोक्ता उसका / उसकी स्थापना का आईडी दर्ज करता / करती है और "गेट डिटेल्स " बटन क्लिक करता है। संदेश " यूअर स्टेबलीशमेंट ईज़ आलरेडी रजिस्टर्ड (“आपकी स्थापना पहले से पंजीकृत है ") आता है तो उन्हें क्या करना चाहिए?

कृपया जांच करें कि आपने सही कोड नंबर एवं एक्सटेंशन नंबर दर्ज़ किया है , यदि कोई हो तो , और आपने सही ईपीएफओ कार्यालय दर्ज़ किया है तो सही होने पर निवेदन पत्र के जनन(जनरेशन) के लिए लिंक पर क्लिक करें । पत्र प्रिंट करें एवं जिस ईपीएफओ कार्यालय क्षेत्र के अधीन स्थापना व्याप्त हैं वहाँ के नियोक्ता / प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर एवं सील के साथ पत्र जमा कराएं । कृपया पत्र में अपना मोबाइल नंबर दर्शाएँ । जैसे ही ईपीएफओ द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया समाप्त होगी,तब आपके मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाएगा एवं तब आप रजिस्टर कर सकते हो ।

5. पंजीकरण स्क्रीन पैन (PAN) के प्रवेश के लिए पूछता है। जैसा कि नियोक्ता एवं प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के पास पैन है तो कौन सा पैन दर्ज किया जाना है।

स्थापना के नाम पर आयकर भारत द्वारा जारी पैन ही दर्ज़ करना है । कृपया पैन पर अंकित नाम भी दर्ज़ करें ।

6. सफल पंजीकरण और यूजर आईडी और पासवर्ड का सृजन करने के बाद, नियोक्ता यूज़र आईडी और / या पासवर्ड भूल गया है तो क्या करें?

इम्प्लोयर पोर्टल के लॉगिन स्क्रीन पर लिंक है “फरगोट पासवर्ड” ? लिंक क्लिक करें आपको पॉप अप स्क्रीन मिलेगा जहां पर आपको स्थापना का आईडी प्रविष्ट करना है , फिर यूज़र आईडी या प्राथमिक मोबाइल नंबर या प्राथमिक ई-मेल आई-डी प्रविष्ट करें, प्रविष्टि पर आपको एसएमएस प्राप्त होगा जिससे आप लॉगिन कर सकते हैं ।

7. नियोक्ता द्वारा अपना/ अपनी स्थापना का पंजीयन किया है ,तो प्राथमिक मोबाइल नंबर कैसे बदले ?

कृपया इम्प्लोयर पोर्टल में “प्रोफाइल” मेन्यू में जाए और उस मेन्यू में लिंक “एडिट प्राइमरी मोबाइल नंबर “ उसमें अपना नया मोबाइल नंबर दर्ज़ करें और जमा करें । आपको नए मोबाइल पर पिन सहित एसएमएस प्राप्त होगा । पिन दर्ज़ कर क्लिक करें “चेंज प्राइमरी । आपको पुष्टि के लिए आपके नए मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा जाएगा जो आपका प्राथमिक मोबाइल नंबर के रूप में दर्ज़ हो जाएगा ।

8. प्रारंभिक पंजीकरण करते समय नियोक्ता द्वारा मोबाइल नंबर दर्ज़ करने में भूल हो गई है एवं "गेट पिन” बटन क्लिक किया है। बटन अब अक्षम है और उसे पिन नहीं मिल रहा है तो क्या करें ?

कृपया प्राथमिक मोबाइल नंबर फील्ड को सही मोबाइल नंबर एडिट करें एवं कुछ पल प्रतीक्षा करें । बटन सक्षम हो जाएगा । आप पुन: क्लिक करेंगे तो दूसरे पिन के साथ एसएमएस प्राप्त होगा ।

9. प्रारंभिक पंजीकरण करते समय नियोक्ता को पिन मिला परंतु किन्हीं कारणों से इसे प्रविष्ट और रजिस्टर क्लिक नहीं कर सकते हैं । क्या, वे बाद में पिन प्रविष्ट कर स्थापना का पंजीयन कर सकते हैं ?

जी, नहीं, उन्हें विवरण भरना होगा और प्रारंभिक रजिस्ट्रेशन पूर्ण करने के लिए नया पिन लेना होगा ।

10. नियोक्ता द्वारा अपना / अपनी स्थापना का पंजीयन किया है तो प्राथमिक ई-मेल आईडी कैसे बदले ?

कृपया प्रोफाइल मेन्यू के अंतर्गत इम्प्लोयर पोर्टल में लॉगिन करें वहाँ लिंक “कन्फ़र्म प्राइमरी ई-मेल” होगा । जो आईडी प्रदर्शित हुआ है उसे प्रतिपादित कर अपना नया ई-मेल आईडी प्रविष्ट करें । “सेंड वेरिफिकेश्न लिंक” क्लिक करें। प्रविष्ट ई-मेल आईडी पर मेल संदेश चला जाएगा । अपने ई-मेल एकाउंट को खोले और प्राप्त संदेश पर क्लिक करें । सिस्टम में आपका जांचा गया ई-मेल दर्ज़ हो जाएगा एवं भविष्य में आपको नए ई-मेल पर मेल प्राप्त होगा ।

11. एक से अधिक स्थापनाओं के लिए एक व्यक्ति नियोक्ता या प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता है । क्या उन्हें प्रत्येक स्थापना को अलग से पंजीयन करना होगा ।

जी हाँ

12. एक से अधिक स्थापनाओं के लिए एक व्यक्ति नियोक्ता या प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता है । क्या उन्हें ऐसी सभी स्थापनाओं के लिए समान यूज़र आई.डी होगा ।

नहीं

13. अतिरिक्त प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता एवं उसके मोबाइल / ई-मेल विवरण का क्या उपयोग है ?

यह सूचना भविष्य में उपयोग में लाई जाएगी एवं प्रोफाइल के रजिस्ट्रेशन एवं एडिटिंग की गतिविधियों के अलावा अतिरिक्त मोबाइल नंबर पर भी एसएमएस किया जाएगा ।

14. स्थापना के प्रोफाइल विवरण को कैसे बदलें ?

कृपया एम्प्लोयर पोर्टल पर लॉगिन करें “प्रोफाइल ” मेन्यू के अंतर्गत “एडिट प्रोफाइल” लिंक पर जाएं । विवरण बदलें एवं प्राथमिक मोबाइल नंबर पर एसएमएस पाने के लिए “गेट पिन” क्लिक करें । पिन प्रविष्ट करें एवं अपडेट प्रोफाइल क्लिक करें । एसएमएस के माध्यम से पुष्टि संदेश भेजा जाएगा ।

15. नियोक्ता ने सही कोड नंबर दर्ज़ किया है परंतु नाम एवं / या पता जो दर्शाया गया है वो गलत है या कुछ त्रुटियाँ है तो इसे कैसे ठीक करें ?

कृपया संबंधित क.भ. नि. सं के कार्यालय को आवश्यक कार्रवाई हेतु निवेदन पत्र भेजे ।

16. क्याक कोई भविष्यह निधि सदस्य अपने खाते को देखने के लिए नियोक्तान ई-सेवा पोर्टल पर पंजीकरण करा सकता है?

नहीं, यह सेवा उस स्था पना के नियोक्ताहओं के लिए है जिसके पास ईपीएफ कोड है और यह ऑनलाइन विवरणी एवं धनराशि प्रेषण अथवा जमा करने के लिए है सदस्यट इस पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करा सकता ।

17. क्या कर्मचारी भविष्य निधि योजना के अंतर्गत छूट प्राप्त स्थापनाओं के नियोक्ता/ प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता को भी पंजीकरण करना अपेक्षित है ?

हाँ ।

18. पंजीकरण पश्चारत् क्या कोई नियोक्ताe ई-सेवा पोर्टल के माध्यeम से पूर्व लेखा वर्ष 2011-12 संबंधी विवरण अपलोड कर सकता है ?

नहीं, केवल मार्च, 2012 (अप्रैल, 2012 में देय) से ही मासिक ई.सी.आर. इस पोर्टल के माध्यमम से अपलोड किए जा सकते हैं | क्यों2कि अपलोड किए गए रिटर्न को जनित चालान के माध्यीम से किए गए भुगतान सहित संरक्षित किया जाना है | वर्ष 2011-12 तक पिछले वर्षों के रिटर्न मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार प्रस्तु.त किया जाना है | पिछली अवधि से संबंधित किसी भी भुगतान के संदर्भ में, चालान लिंक पोर्टल पर विवरण संबंधी आंकडें प्रविष्टि के बाद एक चालान जनित करना होगा ।

19. ईसीआर क्याव है ?

ईसीआर का अर्थ है : ईलेक्ट्रॉ निक चालान सह रिटर्न | यह एक ईलेक्ट्रॉ्निक मासिक विवरणी है जिसे नियोक्ता ओं द्वारा ई-सेवा पोर्टल के माध्यरम से अपलोड किया जाना है | इस रिटर्न में, नए और विद्यमान सदस्योंे के मूल विवरण सहित वेतन और अंशदान संबंधी सदस्यअवार विरण होगा | [वेतन माह के दौरान सेवा में शामिल होने वाले सदस्यन अथवा सेवा छोड़ने वाले सदस्य संबंधी विवरण अपलोड किए जाएंगे] अपलोड किए गए ईसीआर के अनुमोदन के पश्चा त् चालान तैयार होंगे जिसके माध्य म से नियोक्ताग को अपने देय राशि का भुगतान भारतीय स्टेयट बैंक की नामित शाखाओं में करना होगा | इस प्रकार ईसीआर को भुगतान किए गए चालान के साथ जोड़ा जाएगा और ईसीआर जिसे अपलोड किया गया, परंतु भुगतान नहीं किया गया हो तो चालान तैयार होने के 15 दिन बाद यह समाप्तर हो जाएगा | प्रत्येलक माह ईसीआर अपलोड करने पर नियोक्तातओं को किसी भी कागजी विवरणी, यहां तक कि विभिन्ना मासिक और वार्षिक विवरणी भी प्रस्तुरत करने से राहत मिलेगी | ईपीएफओ एप्लिकेशन में अपलोड किए गए ईसीआर को भुगतान किए चालान के साथ संरक्षित करने के परिणामस्वकरूप सदस्य के खाते की शेष राशि का अद्यतनीकरण मासिक आधार पर होता रहेगा |

20. एम्प्लोयर –सेवा पोर्टल पर नियोक्ता द्वारा ई.सी.आर कैसे अपलोड किया जा सकता है ?

सर्वप्रथम,नियोक्ता को उसका / उसकी स्थापना का पंजीयन कराना होगा जिसके निर्देश ई-सेवा पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं । ई-सेवा पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप के अनुसार पंजीकृत नियोक्ताओं द्वारा इलईसीआर पाठ फ़ा तैयार करनी होगी। फाइल तैयार करने की विधि को भी उस में विस्तार से बताया गया है। जो इस प्रकार है : किसी भी स्प्रेडशीट का उपयोग सीएसवी में फ़ाइल निर्धारित प्रारूप के अनुसार सदस्य विवरण बनाने और बचाने के लिए (ओपन ऑफ़िस, एक्सेल, लोटस, आदि) (कॉमा सीमांकित) स्वरूप: चरण 1: ईसीआर पाठ फ़ाइल तैयार करने के लिए कैसे: यह इस प्रकार है। चरण 2: "~ # #" के साथ "," किसी भी पाठ संपादक (नोटपैड, संपादित प्लस, आदि) में सीएसवी फ़ाइल को खोलें और सभी जगह। सीएसवी फ़ाइल सहेजें। चरण 3: TXT के लिए सीएसवी से फाइल एक्सटेंशन बदलें। आपकी फ़ाइल अपलोड करने के लिए तैयार हो जाएगा। वैकल्पिक रूप से नियोक्ता भी epfindia वेबसाइट पर उपलब्ध ई-रिटर्न सॉफ्टवेयर संस्करण 4.0 का उपयोग कर सकते हैं। स्थापना के पंजीकरण के बाद नियोक्ता प्रत्येक माह ईसीआर अपलोड करने के लिए अपने क्रेडेंशियल्स का उपयोग पोर्टल के लिए प्रवेश कर सकते हैं। ईसीआर फाइल को अपलोड करने के निर्देश पर पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है।

21. ईसीआर का फॉर्मेट क्या है ?

ईसीआर 25 कॉलमों की एक पाठ्य फाइल है जिसे अलग अलग कॉलम में बांटा गया है (जैसे #~# ) एवं परत्येक सदस्य के लिए अलग से पंक्ति होगी । 3 सदस्यों के डाटा (एक मौजूद सदस्य , एक नया सदस्य एवं एक मौजूदा सदस्य ) का नमूना ईसीआर निम्नवत दिखेगा लाइन 1.(ईसीआर पाठ्य फाइल का अंश नहीं) (मौजूदा सदस्य के लिए ) :

22. मेरी ईसीआर टेक्स्ट फाइल क्यूँ अपलोड नहीं की गई ?

जैसे ही ईसीआर फाइल अपलोड की जाएगी ,तो सिस्टम जांच करेगा की निर्धारित फार्मेट के साथ फाइल समर्थित है की नहीं एवं यदि कोई त्रुटि होगी तो अपलोड सफल नहीं होगा । त्रुटि लॉग सृजित होगा एवं पंक्तिवार त्रुटि प्रदर्शित होगा । आम गलतियों को टाला जा सकता है: 1. संख्यात्मक फ़ील्ड जैसे मजदूरी, योगदान, गैर-अंशदायी सेवाअवधि इत्यादि में दशमलव का प्रयोग न करें। 2. केरेकटर फील्ड जैसे नाम में (अवधि) के अलावा अन्य किसी भी विशेष केरेकटर का उपयोग न करें । 3. तिथि फ़ील्ड dd / mm / YYYY प्रारूप में होनी चाहिए। तिथि फ़ील्ड में - या जैसे अन्य विभाजक का प्रयोग न करें। 4. मौजूदा सदस्यों एवं मौजूदा सदस्यों (सदस्य जिन्होने वेतन माह जिसमें रिटर्न अपलोड किया गया में कार्यग्रहण नहीं किया है ) के मामले में कॉलम संख्या 17 से 22 में कोई भी मूल्य अंकित न करें । 5. सदस्यों जिन्होने वेतन माह जिसमें रिटर्न अपलोड किया गया में सेवा छोड़ी नहीं है के मामले में कॉलम संख्या 23 से 25 में कोई भी मूल्य अंकित न करें । 6. प्रत्येक पंक्ति में 24 स्तंभ विभाजक #~# होना चाहिए कुछ कॉलम जिसमें ध्यान दिए बिना कोई मूल्य नहीं हो । 7. फील्ड्स नाम इत्यादि में कोई हेडर लाइन नहीं होनी चाहिए।

23. यदि किसी त्रुटि के कारण मेरी फाइल अपलोड नहीं हो पाती और एरर लॉग बन जाता है तो क्याा करना चाहिए ?

ईसीआर एरर लॉग विकल्प‍ के अंतर्गत पोर्टल पर उपलब्धि एरर लॉग कोड्स की सूची की मदद से टेक्ट्एर फाइल में सुधार करें और इसे नए सिरे से अपलोड करें |

24. जब ईसीआर फाइल सफलतापूर्वक अपलोड हो जाए तो मैं क्या करूँ ?

ईसीआर फ़ाइल के सफल अपलोड पर अपलोड ईसीआर फ़ाइल की एक सारांश पृष्ठ पर दिखाई देगा। आपको ईडीएलआई और ईपीएफ / ईडीएलआई प्रशासनिक / निरीक्षण प्रभारों के बारे में विवरण भरना होगा । कृपया अपनी स्थापना के लिए लागू योगदान की दर की जाँच करें। डिफ़ॉल्ट रूप से यह 12% के रूप में दिखाई देंगे, लेकिन लागू दर 10% है, तो यह बदला जा सकता है। सबमिट बटन के क्लिक करने पर, डिजिटली हस्ताक्षरित पीडीएफ फाइल दिखाई देगी। फाइल डाउनलोड करें और अपलोड पाठ फ़ाइल डेटा की तुलना में सदस्यों के सही डेटा की शुद्धता पर अपने आप को संतुष्ट करने के लिए फ़ाइल में डेटा की जाँच करें। जैसे ही आप पीडीएफ फाइल को मंजूरी देंगे तो अपलोड किए गए ईसीआर फ़ाइल के लिए पावती पर्ची के साथ एक TRRN (अस्थाई विवरण संदर्भ संख्या) के साथ एक चालान जनित हो जाएगा। चालान प्रिंट करें और भुगतान करें । आपके पास दो विकल्प हैं – क . यदि आप भारतीय स्टेट बैंक के एक CINB (कॉर्पोरेट इंटरनेट बैंकिंग) ग्राहक हैं, तो आप TRRN का उपयोग कर ऑनलाइन प्रेषण कर सकते हैं। इसके लिए आपको ऑनलाइन एसबीआई पोर्टल के लिए लॉग इन करने की जरूरत है । ( यह सुविधा कुछ समय के बाद शुरू होगी, कुछ समय के लिए चेक के माध्यम से भुगतान के लिए विकल्प ख का प्रयोग करें । ख - अन्यथा पीएफ चालान स्वीकार करने के लिए किसी भी नामित एसबीआई शाखा में डिमांड ड्राफ्ट / स्थानीय चैक के साथ चालान प्रस्तुत करें।

25. यदि ईसीआर फाइल सफलतापूर्वक अपलोड कर लिया जाय और भुगतान नहीं हो पाए, तो क्या करना चाहिए?

अपलोड किए गए ईसीआर फाइल के अनुमोदन के पश्चा।त् तैयार चालान भुगतान हेतु 15 दिनों के लिए उपलब्ध होगा एवं उसके बाद समाप्त हो जाएगा ।

26. क्याड किसी एकल स्था पना के एक वेतन माह से संबंधित ईसीआर फाइल को मैं खंडों (बैचों) में अपलोड कर सकता हूं ।

हां, लेकिन प्रत्येगक अपलोड की गई ईसीआर फाइल के लिए उस ईसीआर के लिए तैयार किए गए चालान के माध्यहम से भुगतान किया जाना चाहिए |

27. यदि किसी कर्मचारी की गैर-अंशदायी अवधि (एनसीपी) 31 दिनों की है तो इसे हम ईसीआर फाइल में कैसे दिखा सकते हैं ?

ईसीआर टेक्ट् चा फाइल में, उस वेतन माह के लिए शून्यc वेतन व अंशदान सहित सदस्यई का विवरण दें |

28. यदि नियोक्ताभ को पिछली अवधि जैसे माह फरवरी , 2012 का अथवा इसके पूर्व वेतन माह की देय राशि का भुगतान करना हो, तो क्याh होगा ?

नियोक्ता के लॉगिन के पश्चात एम्प्लोयर ई-सेवा पोर्टल पर मेन्यू के ऊपर चालान के लिए लिंक दिया गया है । इस लिंक में पिछली अवधि के लिए डाटा प्रविष्टि का विकल्प दिया गया है , डाटा प्रविष्टि के बाद , प्रस्तुत करने पर , अस्थाई रिटर्न संदर्भ संख्या (टीआरआरएन ) सहित चालान जनित होगा और इसे भुगतान के लिए प्रयोग किया जाएगा ।

29. स्था पना में यदि कोई सदस्यa नहीं है और नियोक्ताt खाता संख्या 2 एवं 22 में क्रमश: `5/- और `2/-प्रशासनिक प्रभार के रूप में जमा करता आ रहा है तो वह मार्च-2012 के बाद का भुगतान कैसे कर सकता है ?

लॉगिन करने के बाद नियोक्ताम ई-सेवा पोर्टल पर ऊपर मेन्यू पट्टी पर चालान प्रविष्टि के लिए चालान लिंक के अंतर्गत विकल्प दिया गया है । इसे न्यूनतम प्रशासनिक प्रभार के भुगतान के लिए उपयोग किया जा सकता है यदि मार्च-2012 माह या आगे का चयन किया जाता है और बटन अंशदान / प्रशासन / निरीक्षण चालान क्लिक किया जाता है, तो खाता संख्या 2 और 22 की राशि ही प्रविष्ट की जा सकती है ।

30. 1: अंतर्राष्ट्री य कामगार कौन है?

एक अंतर्राष्ट्री य कामगार(आई.डब्लू ) एक भारतीय कामगार या एक विदेशी नागरिक हो सकता है | अंतर्राष्ट्री य कामागार का अर्थ है : कोई भारतीय कर्मचारी जो, उस विदेशी राष्ट्रर में काम कर चुका हो अथवा काम करने के लिए जा रहा हो, जिसके साथ भारत ने समाजिक सुरक्षा करार किया है और उस देश के समाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के तहत लाभों को प्राप्ते करने हेतु पात्र होगा | उक्ति करार के अंतर्गत पात्रता के अनुसार एक भारतीय कर्मचारी से अन्य‍ एक ऐसा कमर्चारी जिसके पास भारतीय पासपोर्ट नहीं हो और भारत के किसी स्थाकपना में काम कर रहा हो जिस पर कर्मचारी भविष्यो निधि व प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 लागू होते हैं |

31. 2: क्या सी.ओ.सी (आवृति प्रमाणपत्र) धारक एक भारतीय कामगार , अंतर्राष्ट्री य कामगार हो सकता है ?

केवल सी.ओ.सी धारक होने से कोई कर्मचारी अंतर्राष्ट्रीपय कामगार नहीं हो सकता है | किसी देश के सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त लाभों की पात्रता रखने वाले ही अंतर्राष्ट्रीय कामगार हो सकते हैं । सीओसी प्राप्त करने के बाद उस विदेशी राष्ट्र् के सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में अंशदान जमा करने से छूट मिल जाती है, जिसके साथ भारत ने सामाजिक सुरक्षा करार किया है। अत: वह उस देश के सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने का पात्र नहीं रहता है |

32. परिशिष्ट-II -1: यदि नियोक्ता? ने फरवरी माह, 2013 के लिए रिटर्न अपलोड नहीं किया है, तो क्याि नियोक्ता के लॉग-इन करने के बाद ईसीआर पोर्टल पर एनेक्सtर-II तैयार करने हेतु सदस्योंश की सूची उपलब्ध होगी ?

नहीं, सूची अपलोड की गई ईसीआर फाइल एवं सदस्य भविष्य निधि संख्या के अनुसार एवं नाम के आधार पर एवं माह फरवरी 2013 के भुगतान के अनुसार तैयार की गई है । नहीं है, सूची अपलोड ईसीआर फाइल के अनुसार सदस्यों पीएफ नंबर और नाम के आधार पर तैयार की गई है और नियोक्ता द्वारा अभी तक मजदूरी महीने के लिए फ़रवरी 2013 की देय राशि का भुगतान नहीं किया गया हो तो सूची उपलब्ध नहीं होगी।

33. परिशिष्ट-: एनेक्सनर-II-2 - तैयार करने के लिए ईसीआर पोर्टल से सदस्योंै की सूची डाउनलोड करने पर पता चलता है कि कुछ नाम सही नहीं है, तो क्या नियोक्तार नाम में परिवर्तन कर सकता है ?

नहीं, वेतन माह फरवरी, 2013 के लिए ईसीआर टेक्ट्n फाइल के माध्योम से अपलोड किए गए नामों के आधार पर नाम प्रदर्शित होते हैं | इस प्रकार प्रदर्शित आंकड़े वे आंकड़े होते हैं जो नियोक्ता के द्वारा प्रवि‍ष्टल किए जाते हों | एनेक्सहर-II में नाम नहीं बदले जा सकते, यहां तक कि एनेक्सआर-II अपलोड करते समय यदि नियोक्ताि नाम बदलता है तो पोर्टल पर उपलब्धय आंकड़ा बदल जाएगा |

34. परिशिष्ट –II -3 : यदि किसी नियोक्ताा ने एनेक्ज़nर-II अपलोड किया है और किसी अन्यr एनेक्ज़टर अपलोड कर आंकड़े को बदलना चाहता हो, तो क्या ऐसा संभव है?

नहीं, एक सदस्यत (भविष्य निधि संख्याt) के लिए एनेक्ज़ीर-II एक बार अपलोड और अनुमोदित हो जाने पर उसी सदस्यक (भविष्या निधि संख्याि) संबंधी आंकड़े अपलोड नहीं किए जा सकते हैं | सिस्टपम (प्रणाली) त्रुटि इंगित करते हुए/दिखाते हुए यह बताएगा कि ऐसे सदस्यह संबंधी आंकड़े पहले ही अपलोड और अनुमोदित किए जा चुके हैं |

35. परिशिष्ट –II-4 : डाऊनलोड करने योग्य फाइल से परिशिष्ट –II txt फाइल को कैसे तैयार करें ?

ईसीआर पोर्टल से एक्सेल (xls) फाइल डाऊनलोड करने के बाद ,सभी अनिवार्य फील्ड्स के मामलें में मिसींग डाटा (जहां फील्ड्स खाली हो) भरा जाना चाहिए । उसके बाद ईसीआर फाइल के लिए स्पष्ट की गई समान प्रक्रिया अपनानी होगी । हेडर पंक्ति को हटाया जाना चाहिए । जैसाकि प्रत्येक सदस्य के लिए 14 फील्ड्स है ,तो प्रत्येक पंक्ति में 13 विभाजक (#~#) होंगे ।

36. यदि नियोक्ता, स्थासपना का पंजीकरण करा चुका है लेकिन यूज़र आई.डी. के साथ मोबाइल भी खो दिया हो, तो ऐसी स्थिति में वह अपना यूज़र आई.डी. और पासवर्ड कैसे जान पाएगा ?

ऐसे मामले में नियोक्ता को स्क्री न पर प्रदर्शित रजिस्ट्रे शन (नए सिरे से पंजीकरण) मेनु पर रजिस्ट्रे शन स्क्री न पर जाना होगा जहां वह ऐसी स्था्पना के बारे जानकारी प्राप्ते करेगा जो पहले ही पंजीकृत हो चुकी है | वहां पुन: पंजीकरण करने के लिए एक पत्र तैयार करने के लिए एक लिंक मिलेगा | यह पत्र प्राधिकृत अधिकारी के हस्तानक्षर और मुहर से तैयार किया जाएगा और नए मोबाईल नंबर के साथ उस भविष्यृ निधि कार्यालय में प्रस्तुात किया जाएगा जहां रिटर्न जमा किए गए थे | कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय के नॉडल अधिकारी हस्तािक्षर की जांच कर के पुन: पंजीकरण करेंगे और नए मोबाइल पर यूज़र आई.डी. और पासवर्ड संबंधी सूचना एस.एम.एस. द्वारा दी जाएगी | अब नियोक्ता को लॉगिन कर के पोर्टल पर अपना पासवर्ड और मोबाइल नंबर बदल देना चाहिए |

37. वेतन सीमा.1 / WC.1: बढ़ी हुई वेतन सीमा के कार्यान्वएयन की प्रभावी तिथि क्या| है ?

बढ़ी हुई वेतन सीमा के कार्यान्वायन की प्रभावी तिथि 01 सितंबर, 2014 है |

38. बढ़ी वेतन सीमा पर अंशदान किस तिथि तक देय है ?

सितंबर, 2014 के वेतन माह के लिए बढ़ी हुई वेतन सीमा पर अंशदान 15 अक्तूीबर, 2014 तक देय है |

39. वेतन सीमा.3./ WC.3: उन कर्मचारियों की क्याै स्थिति होगी जो वर्तमान में `6500 से अधिक और `15000 से कम वेतन प्राप्त कर रहे हैं ?

दिनांक 31 अगस्त , 2014 तक कर्मचारी भविष्यम निधि योजना, 1952 के पैरा 2(एफ) के अंतर्गत वैसे कर्मचारी अपवर्जित कर्मचारी (छूट प्राप्तर कर्मचारी) थे जो `6500 प्रतिमाह से अधिक और `15000 प्रतिमाह से कम वेतन प्राप्त कर रहे थे | वेतन सीमा `15000 प्रति माह तक बढ़ने के परिणामस्वचरूप 01 सितंबर, 2014 से ऐसे सभी कर्मचारी निधि के सदस्य बनने के पात्र हो गए हैं | ऐसे कर्मचारियों के सितंबर, 2014 के भविष्य4 निधि अंशदान 15 अक्तू बर, 2014 तक देय है |

40. वेतन सीमा.4./WC.4: यदि कोई कर्मचारी दिनांक 01 सितंबर, 2014 के बाद किसी आवृत्ती स्थारपना में प्रवेश करता है और प्रवेश तिथि पर उसका वेतन `15000 से ज्या दा है, तो क्या ऐसे कर्मचारी का भविष्यि निधि अंशदान जमा किया जाना अपेक्षित है ?

दिनांक 01सितंबर, 2014 के बाद जब कोई कर्मचारी एक आवृत्तश स्थाजपना में प्रवेश करता है और उस समय उसका वेतन `15000 प्रतिमाह से अधिक है, तो ऐसी स्थिति में दो संभावनाएं बनती है (अ) उसके प्रवेश से पूर्व वह कहीं भी रोज़गार में नहीं था (ब) उसके प्रवेश से पूर्व नौकरी कर रहा था अथवा रोज़गार में था | ऐसे मामलों में दो स्थितियां बनती है :-(ब1) वह भविष्यथ निधि का सदस्यल नहीं था या (ब2) वह भविष्यन निधि का सदस्यह था | इसके बाद भी पुन: दो प्रकार के मामले आते हैं : जैसे-(ब21) वह पहले ही अपनी संचित भविष्यौ निधि की कुल राशि की निकासी पहले ही कर चुका हो और भविष्यं निधि का सदस्यि नहीं है (ब22) वह अभी भविष्यर निधि का सदस्यो है | वर्ग अ या ब1 या ब21 वर्ग में आने वाले कर्मचारियों के संदर्भ में भविष्यव निधि अंशदान जमा कराने की आवश्य1कता नहीं होगी | फिर भी ब22 वर्ग में आने वाले कर्मचारी भविष्यन निधि सदस्य2 बने रहेंगे और `15000 प्रतिमाह की वेतन सीमा तक के ऐसे कर्मचारियों के संदर्भ में अंशदान जमा किया जाना अपेक्षित है |

41. वेतन सीमा.5./WC.5 : वैसे कर्मचारी जो उस समय अथवा तिथि पर भविष्यm निधि के सदस्यस हैं और `15000 से ज्यादा वेतन प्राप्ति कर रहे हैं, उनकी भविष्यग निधि कटौती की क्या विधि है और जिनके लिए नियोक्ता0 `6500 की वेतन सीमा पर ही अंशदान की कटौती कर रहा है?

यदि सदस्यक `15000 प्रतिमाह से अधिक वेतन प्राप्त कर रहा हो और पहले से ही भविष्य‍ निधि का सदस्यय हो तथा कर्मचारी और नियोक्ताम दोनों ही 31 अगस्तह 2014 तक अधिकतम `6500 प्रतिमाह के वेतन सीमा पर 12 प्रतिशत की दर से भविष्य निधि अंशदान कर रहे थे, परंतु वर्तमान में नियोक्ताा के साथ-साथ ऐसे कर्मचारियों को 1सितंबर 2014 की प्रभावी तिथि से `15000 प्रतिमाह की अधिकतम वेतन सीमा पर 12 प्रतिशत की दर से अंशदान करना होगा कर्मचारी भविष्यो निधि योजना, 1952 की सदस्यपता से बाहर जाने के लिए कर्मचारी और नियोक्ताव के लिए कोई भी विकल्प‍ उपलब्‍ध नहीं होगा |

42. वेतन सीमा.6./WC.6 : उन कर्मचारियों के लिए क्याe प्रावधान है जो वर्तमान में `14000 प्रति माह वेतन प्राप्तग कर रहे हैं और तीन माह के बाद प्रति माह उनका वेतन प्रतिमाह `17000 हो जाएगा ?

ऐसे कर्मचारी जो वर्तमान में `15000 प्रति माह से कम वेतन प्राप्त1 कर रहे हों और भविष्य् में `15000 से अधिक वेतन बढ़ने की संभावना हो, वे 01सितंबर, 2014 से निधि की सदस्य‍ता के पात्र होंगे अर्थात् सितंबर, 2014 के वेतन माह से ऐसे कर्मचारियों के अंशदान 1 सितंबर , 2014 से देय होंगे | निधि की सदस्य्ता प्राप्ति के बाद यहां तक कि वैसे कर्मचारी जो `15000 से जयादा वेतन प्राप्त कर रहे हैं, वे निधि के सदस्यय बने रहेंगे और कर्मचारी और नियोक्तां दोनो 12प्रतिशत की दर से `15000 प्रतिमाह की वेतन सीमा पर अंशदान करेंगे |

43. वेतन सीमा.7./WC.7 : भविष्यc निधि अंशदान के लिए वेतन की राशि कितनी मानी जानी चाहिए ?

माह के दौरान किसी कर्मचारी को नकद रूप में देय सभी परिलब्धियों पर भविष्या निधि अंशदान देश है, जिसमें शामिल है – (I) मकान किराया भत्ता (II) समयोपरि भत्तां (III) बोनस (IV) कमीशन अथवा कोई अन्यी समान भत्ता– और (V) नियोक्ता‍ द्वारा दिए गए कोई उपहार ।

44. वेतन सीमा.8./WC.8 ; दिनांक 01.09.2014 की प्रभावी तिथि से किसी एक कर्मचारी के भविष्य निधि अंशदान की पात्रता के लिए `15000 की वेतन सीमा के लिए किन परिलब्धियों को लेना चाहिए?

`15000 प्रतिमाह की वेतन सीमा की गणना हेतु परिलब्धियां का अर्थ है – एक माह के दौरान कर्मचारी को नकद रूप में देय उन सभी परिलब्धियां जिनमें निम्नांंकित शामिल नहीं होंगे : (क) मकान किराया भात्ताप (ख) समयोपरि भत्तार (ग) बोनस (घ) कमीशन अथवा इसके समान भत्ताप (ड़) नियोक्ताउ की ओर से दिए जाने वाले कोई उपहार जैसे: कर्मचारी : एक मूल वेतन `12000 महंगाई भत्ता) `3000 प्रतिधारण भत्ता -मकान किराया भत्ताो `2000 समयोपरि भत्तास 1000 बोनस 2000 वाहन भत्ता 5000 उपहार- कर्मचारी (क) प्रतिमाह `15000 अथवा इससे कम मूलवेतन और महंगाई भत्तान के रूप में निधि की सदस्याता हेतु पात्रता कर्मचारी (ख) मूल वेतन 13000 महंगाई भत्ता‍ `3000, प्रतिधारण भत्तात-मकान किराया भत्ताक `1000 समयोपरिभत्ता् 2000 बोनस 1000 वाहन भत्तान `5000 उपहार-कर्मचारी (ख) प्रति माह `15000 और इसे अधिक मूल वेतन एवं महंगाई भत्तेभ के रूप में निधि की सदस्यतता के लिए अपात्रता |

45. वेतन सीमा .9 : अधिनियम की धारा 6 के साथ पठित धारा 2 (ख) के अनुसार सभी घटकों सहित जहां सकल वेतन 15,000 / - से अधिक है तो किस तरीके से भविष्य निधि कटौती की जा सकती है ?

क. भ. नि. एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 2 (ख) के अनुसार , शब्द "मूल वेतन सभी परिलब्धियों सहित मजदूरी के साथ ड्यूटी पर या छुट्टी पर या छुट्टियों पर एक कर्मचारी द्वारा अर्जित कर्मचारी द्वारा अर्जित रोजगार अनुबंध की 'शर्तों के अनुसार एवं जिसे उसे नकद भुगतान किया गया या भुगतान किया जाना है परंतु उसमें खाद्य रियायत की नकद कीमत , कोई महंगाई भत्ता , मकान किराया भत्ता , समयोपरि भत्ता , बोनस , कमीशन या किसी अन्य समान भत्ता का नकद मूल्य शामिल नहीं है। अधिनियम की धारा 6 के अनुसार, भविष्य निधि अंशदान के 15,000 / प्रति माह की अधिकतम मजदूरी सीमा तक मूल वेतन, महंगाई भत्ता और प्रतिधारण भत्ते के भुगतान किए जाने की आवश्यक है । यदि अपवर्जन के लिए अनुमेय सभी भत्ते की कटौती के बाद, कुल वेतन 15,000 / से कम है तो भविष्य निधि अंशदान उसी पर भुगतान किया जाता है । यदि सदस्यता के लिए पात्र बनने की तिथि पर, तो एक कर्मचारी रुपये से परे वेतन खींचता है। 15,000 / - प्रतिमाह बहिष्कार के लिए अनुमेय सभी भत्ते की कटौती के बाद, वह एक छूट प्राप्त कर्मचारी के रूप में माना जाएगा और उसके संबंध में कोई भविष्य निधि अंशदान किए जाने की आवश्यकता नहीं है।

46. वेतन सीमा .10 : WC.10: क्या `15,000 / - से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी निधि के सदस्य बन सकते हैं ?

कर्मचारी जो `15,000 / - प्रतिमाह से अधिक वेतन पाता है , वह निधि का सदस्य बन सकता है स्वेच्छिक रूप से संयुक्त रूप से स्वयं एवं नियोक्ता से लिखित निवेदन के आधार पर सहायक भविष्य निधि आयुक्त के पद के अधिकारी के पास नियोक्ता का वचनपत्र सहित दोनों की अनुमति प्रस्तुत होनी चाहिए । बशर्ते नियोक्ता वचनपत्र दें कि वह ऐसे कर्मचारी के संदर्भ में देय प्रशासनिक प्रभार का भुगतान एवं सभी संवैधानिक प्रावधान का अनुपालन करेंगे ।

47. वेतन सीमा .11 : WC.11: यदि कर्मचारी पूरे माह नौकरी नहीं करता है , तो कथित कर्मचारी की सदस्यता हेतु भविष्य निधि अंशदान के लिए क्या परिलब्धियाँ मानी जाएगी ।

कर्मचारी जिसने पूरे महीने के लिए काम नहीं किया है, द्वारा अर्जित की गई वास्तविक राशि की परिलब्धियों को अंशदान की गणना के लिए माना जाएगा । वेतन सीमा की गणना करने के लिए निम्नलिखित परिलब्धियों को शामिल नहीं किया जाएगा, (I) मकान किराया भत्ता (ii ) समयोपरि भत्ता (iii) बोनस (iv) अन्य समान भत्ते पर कमीशन (v) नियोक्ता द्वारा दिए गए कोई उपहार ।

48. वेतन सीमा .12 : WC.12: यदि किसी कर्मचारी ने `15000/- से अधिक वेतन पर स्थापना में नौकरी ग्रहण की है और किसी कारण से किसी विशेष माह के दौरान `15000/- से कम वेतन पाते हैं तो क्या प्राप्त वेतन पर भविष्य निधि में अंशदान किया जाता हैं ?

यदि किसी कर्मचारी ने `15000 / - से अधिक वेतन पर स्थापना में नौकरी ग्रहण की है और किसी कारण से किसी विशेष माह के दौरान `15000 / - से कम वेतन पाते हैं तो प्राप्त वेतन पर भविष्य निधि में कोई भी अंशदान नहीं किया जाता है । जैसाकि स्थापना ग्रहण करने के समय निर्णय है कि क्या सदस्य निधि का सदस्य है या नहीं , इस मामलें में , जैसा कि व्यक्ति ने स्थापना में `15000 / - से अधिक वेतन पर स्थापना में नौकरी ग्रहण की है , तो वह छूट प्राप्त कर्मचारी होने के नाते सदस्य नहीं है ।

49. वेतन सीमा .13 :WC.13: जहां कर्मचारी का सकल वेतन 1,00,000 / - रुपए से अधिक है और मूल वेतन 15,000 / - से अधिक हो तो ऐसे मामलों में भविष्य निधि कटौती का क्या होगा ?

ऐसे मामलों में , जहां कर्मचारी का सकल वेतन 1,00,000/-प्रतिमाह से अधिक है और मूल वेतन 15,000/- से अधिक हो तो , वह निधि का सदस्य नहीं हो सकता हैं और इस प्रकार कर्मचारी छूट प्राप्त कर्मचारी कहलाएगा ।

50. वेतन सीमा .14 :WC.14: क्या, कर्मचारी को 01.09.2014 के बाद पेंशन निधि के पक्ष में वेतन सीमा 15000/- से अधिक विकल्प के रूप में अंशदान करने की अनुमति है ?

कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 के पैरा 11 (3) के अनुसार, 1 सितंबर, 2014 की प्रभावी तिथि से अधिकतम पेंशन योग्य वेतन 15,000 /-प्रतिमाह सीमित किया जाएगा । अत: किसी भी कर्मचारी को 15,000 / - प्रतिमाह की वेतन सीमा पर पेंशन निधि में अंशदान करने की अनुमति नहीं है ।

51. X.1: छूट क्या है ?

अधिनियम की धारा 17 के अंतर्गत छूट से मतलब है की योजना से छूट और अधिनियम से छूट नहीं ।

52. योजना से छूट का क्या अर्थ है ?

योजना से छूट का अर्थ – (I) कर्मचारी भविष्यp निधि योजना, 1952 (II) कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 तथा (III) कर्मचारी जमा-सहबद्ध बीमा योजना, 1976 के प्रचालन से छूट |

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सूचना का अधिकार अधिनियम 2005